जिज्ञासा-ज्ञान-जाग्रति

सत्सनातन शिव – शक्ति परिवार



बोल सके तो


बोल सके तो बोल तू, ज्यों टहनी से फूल झड़े l

वचन बड़े कीमती हैं, मनः बिल बोलना संभल के ll

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