जिज्ञासा-ज्ञान-जाग्रति

सत्सनातन शिव – शक्ति परिवार



बढ़ना है आगे


पिछला काम निपटा दे, फिर तू बढ़ आगे l
गति बना तू कुछ ऐसी अपनी, मनः तन आलस छोड़ कर भागे ll

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