जिज्ञासा-ज्ञान-जाग्रति

सत्सनातन शिव – शक्ति परिवार



दुखिया


दुखिया को दुःख न दे, वह तो दुःख का मारा है l
मरे को मारना भला क्या ? मनः उसका नहीं कोई सहारा है ll

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