जिज्ञासा-ज्ञान-जाग्रति

सत्सनातन शिव – शक्ति परिवार



डा0 शंकरदयाल शर्मा

विचारकों के कथन :-

सहिष्णुता और समझदारी संसदीय लोकतंत्र के लिए उतने हीआवश्यक हैं, जितने संतुलन और मर्यादित चेतना।
- डा0 शंकरदयाल शर्मा