जिज्ञासा-ज्ञान-जाग्रति

सत्सनातन शिव – शक्ति परिवार



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2. जीवन नाटक

25 जनवरी 2009 कश्मीर टाइम्स

गूंज रही नभ में तान, क्षणिक जीवन नाटक सकल जहान,
थोथा नहीं, अन्तरतम में वास करती, कुटिलाई का पवित्रता नाश,
हम नहीं नायक, समय हमारा, पल-पल बीत रहा जीवन सारा,
गूंज रही नभ में तान, क्षणिक जीवन नाटक सकल जहान,
आज तक क्या कर लिया, आगे क्या कर लोगे?
अब तक झगड़ लिया, आगे लड़कर क्या कर लोगे?
स्पष्ट कर दो अरमान, क्या तुम्हारा कोई ध्येय है?
या जीवन में पगपग पर पानी पराजय है?
गूंज रही नभ में तान, क्षणिक जीवन नाटक सकल जहान,