जिज्ञासा-ज्ञान-जाग्रति

सत्सनातन शिव – शक्ति परिवार



घृणा


कर घृणा नीच विचारों से, मगर इन्सान से नहीं l
करके घृणा इन्सान से, मनः पा सकता तू भगवान नहीं ll

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *