जिज्ञासा-ज्ञान-जाग्रति

सत्सनातन शिव – शक्ति परिवार



आचार्य चाणक्य

 

हमें भूत के वारे में पछतावा नहीं करना चाहिए न ही भविष्य के वारे में चिंतित होना चाहिए। विवेकवान व्यक्ति हमेशा वर्तमान में जीते हैं।