जिज्ञासा-ज्ञान-जाग्रति

सत्सनातन शिव – शक्ति परिवार



आग


तरह-तरह का जलना है, तरह-तरह की है आग l
जिन्दा जलाती चिंता तुझको, मनः मुर्दा भस्म करती है आग ll

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *