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विचार, संस्कृति, परिवार, समाज और जीवन-दर्शन पर चयनित लेख।
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सफलता के मूल स्रोत
दिनांक 15.10.26 जीवन में कोई भी उचित कार्य करना, किसी भी व्यक्ति का अपना जीवन उद्देश्य हो सकता है l उसमे सफलता प्राप्त करनी है तो उस व्यक्ति को उसके नियमों का पालन करना आवश्यक होता है l नियम पालन किये बिना उद्देश्य की प्राप्ति करना बहुत कठिन हो सकता है l अगर नियम…
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13. मुफ्त प्रदूषण
2 अगस्त 2009 कश्मीर टाइम्स कंकरीट, पत्थरों के इस शहर में,मानव ही प्रदूषण फैलाता है,जगह-जगह ढेर लगाता है गंदगी के,पास से नहीं निकला जाता है,कंकरीट, पत्थरों के इस शहर मेंपॉलिथीन लिफाफे, प्लास्टिक सामान बनाती हैं फैक्ट्रियां,बांधकर गांठे शहर-शहर पहुंचाती हैं फैक्ट्रियां,शहरी प्रदुषण फैले तो फैले, उन्हें क्या?कंकरीट, पत्थरों के इस शहर मेंअच्छा होता, अगर इनका…
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7. पालीथीन प्रतिबंधित हुआ, परन्तु —
12 जुलाई 2009 कश्मीर टाइम्स पर्यावरण चेतना हिमाचल सरकार पालीथीन पर प्रतिबंध लगा चुकी है l जम्मू कश्मीर सरकार ने उस पर प्रतिबंध लगा दिया है l इन प्रांतीय सरकारों का यह कार्य प्रयास चहुँ ओर प्रशंसनीय रहा है l अब इन प्रान्तों के शहर व गाँव की गलियों व नालियों पालीथीन लिफ़ाफ़े तो कम…
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6. भारतीय शिक्षा-प्रणाली
28 जून 2009 कश्मीर टाइम्सप्रिय होने के नाते आदि काल से ही भारतवर्ष महान पुरुषों का देश रहा है। उनमें श्री राम, श्री कृष्ण , गुरु नानक देव, आदि गुरु शंकराचार्य, स्वामी विवेकानन्द जी का नाम सर्वोपरि है।इन महान पुरुषों के जीवन चरित्रों का अध्ययन, चिन्तन-मनन करने से हमें अनेकों ऐसे दीप्त ज्ञान-स्तंभ दिखाई देते हैं जिनके प्रकाश …
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12. नहर
21 जून 2009 कश्मीर टाइम्सअवश्य ही होगा,सफल लक्ष्य हमारा,कोना-कोना खेत का,सींचेगी निर्मल जलधारा,गांव-गांव पहुंचेगी नहर,सूखे का होगा अंत,नहीं रहेगा कोई प्यासा,घर-घर होगा बसंत,
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11. संकल्प
21 जून 2009 कश्मीर टाइम्स वह देखो! उधर सूखा है चहुं ओर,कैसी वीरानगी, उदासी छाई है?वहां हड्डी है, कोयला भी, मगरछाया कहीं नजर नहीं आई है,कार्य हमने अब कुछ ऐसा है करना,सूखे की ओर रुख नदी का है करना,मरु में लानी है हमनें हरित क्रांति,व्यर्थ बहते जल से, सूखे में हरित क्रांति,
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10. भूजल पुनर्भरण
14 जून 2009 कश्मीर टाइम्सभूजल पुनर्भरण होगा आजसुव्यवस्थित जलसंसाधन का,यहां-वहां पर करेंगे हमपुनर्जागरण जन-जन का,अनावश्यक जल को बांधकरसबका करेंगे उपकार,भूजल स्तर बढ़ता है इससे,संम्पन्न होता है संसार,सुखी धरती करती है पुकार,संचित भूजल सबका करता है उद्धार,
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8. हमारी जिम्मेदारी
24 मई 2009 कश्मीर टाइम्सकुछ ऐसी वस्तुओं का हमनें प्रयोग शुरू है करना,दूसरी बार जिनका प्रयोग हो न सके,प्लास्टिक, पॉलीथिन का प्रयोग बंद है करना,जिन वस्तुओं से पर्यावरण प्रदूषण रुक न सके,हटाना है हमने प्लास्टिक, पॉलीथिन वस्तुओं को,पर्यावरण प्रदूषण, फैलता है जिन वस्तुओं से,अपनाना है, हमनें फिर से उन वस्तुओं को,पर्यावरण प्रदूषण न फैले, जिन…
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7. शिक्षा —–
3 मई 2009 कश्मीर टाइम्सकार्य प्रयास करें जो सबका भला,सबके काम आएं जो विधि-विधान,संस्कारों का आचरण सदा यथार्थ हो,कार्य-व्यवहार करें जीवनोपयोगिता बयान,ज्ञान बढ़े और हो जिससे आत्मरक्षा,स्वास्थ्य वर्धन करे और रहे सामाजिक सुरक्षा,देगा कौन? हमें ऐसी शिक्षा,मिलेगी कहां? हमें ऐसी शिक्षा,
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5. दिल प्रीतम का घर है
19 अप्रैल 2009 दैनिक कश्मीर टाइम्समहात्मा गांधी जी का कथन है कि जिस तरह हमें अपना शरीर कायम रखने के लिए भोजन जरूरी है, आत्मा की भलाई के लिए प्रार्थना कहीं उससे भी ज्यादा जरूरी है। प्रार्थना या भजन जीभ से नहीं वरन हृदय से होता है। इसलिए गूंगे , तुतले और मूढ़ भी प्रार्थना कर…
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6. मेहनत का राज
12 अप्रेल 2009 कश्मीर टाइम्समेहनत करने वालों को काम बहुत हैं,नहीं करने वालों को बहुत हैं बहाने,बही कहें आँगन टेढा,जो कभी नाचना न जाने,मेहनत लगन से होती है,दिल-दिमाग एक करना जो जाने,मेहनत करने वालों को काम बहुत हैं,नहीं करने वालों को बहुत हैं बहाने,जबरन उनको काम पर न लगाना,ध्यान जिन्होंने काम पर नहीं लगाना,लगन से…