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विचार, संस्कृति, परिवार, समाज और जीवन-दर्शन पर चयनित लेख।
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शिक्षा से विश्व का चहुंमुखी विकास
शिक्षा मानव जीवन का आधार है। यह एकमात्र अध्ययन-लिखना शिक्षण का माध्यम नहीं है, बल्कि व्यक्ति के ज्ञान, विचार, चरित्र और व्यक्तित्व का विकास करने वाली शक्ति है। किसी भी देश और विश्व की प्रगति का मुख्य आधार शिक्षा ही है। शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति, समाज और राष्ट्र का सर्वांगीण विकास संभव है।सबसे पहले,…
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धमीड़ी किला और बृजराज स्वामी जी
आलेख – ऐतिहासिक मातृवंदना 2023 मार्च अप्रैल इब्राहीम गजनवी द्वारा ध्वस्त धमीड़ी किले में स्थित प्राचीन मंदिर के अवशेषसन 1088 ई० की शृंखला में गजनवी ने भारत पर एक के पश्चात् एक अनेकों आक्रमण किये थे l उसने अपने आक्रमण, आतंक और लूटपाट के अंतिम अभियान में काँगड़ा मंदिर की तो अनंत संपदा को लुटा…
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जान सके तो
जान सके तो खुद को जान, मोह बंधन दे तू तोड़ lतुझे प्रेम बंधन बांध लेगा, मनः मायावी घडा दे तू फोड़ ll
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दुःख-सुख
सुगम होती दुर्गम राह, तू राही क्यों घबराता है l दुःख-सुख हैं दोनों साथी, मनः दुःख ही सुख दिखलाता है ll
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कड़वी बात
फूल मुरझा जाते हैं, सदा कलि भी कलि रहती नहीं l घाव भर जाते हैं, पर मनः बात कड़वी मिटती नहीं ll
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हृदय की शुद्धि
कह गया कोई संत प्यारा , तू हृदय की शुद्धि कर ले l सदाचार का पालन कर, मनः पहले दोषों से दूरी कर ले l
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स्वामी विवेकानंद
– “उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।”- “किसी की निंदा न करें, अगर आप मदद के लिए हाथ बढ़ा सकते हैं, तो ज़रुर बढ़ाएं। अगर नहीं बढ़ा सकते, तो अपने हाथ जोड़िये, अपने भाइयों को आशीर्वाद दीजिये, और उन्हें उनके मार्ग पे जाने दीजिये।” – “जिस प्रकार…
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आर्य समाज – सशक्त समाज
दिनांक 19.11.2024 # हम सब आर्य पुत्र/पुत्रियाँ हैं, हमें अपने देश भारत पर गर्व है l* # हम आर्यों का राष्ट्र – “आर्यावर्त” ही महान “अखंड भारत” है l* # हम आर्यों का राष्ट्र – “आर्यावर्त” ही महान “अखंड भारत” है l* # हम आर्यों का राष्ट्र – गांवों का देश, हमारी कर्म भूमि है…
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वैदिक भाषा
# देशभर में वैदिक “संस्कृत भाषा” को उचित सम्मान मिलना चाहिए, “संस्कृत भाषा की कहीं भी अनदेखी” न हो।*