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विचार, संस्कृति, परिवार, समाज और जीवन-दर्शन पर चयनित लेख।
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सफलता के मूल स्रोत
दिनांक 15.10.26 जीवन में कोई भी उचित कार्य करना, किसी भी व्यक्ति का अपना जीवन उद्देश्य हो सकता है l उसमे सफलता प्राप्त करनी है तो उस व्यक्ति को उसके नियमों का पालन करना आवश्यक होता है l नियम पालन किये बिना उद्देश्य की प्राप्ति करना बहुत कठिन हो सकता है l अगर नियम…
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श्रीकृष्ण जी
हे अर्जुन! सज्जन पुरुषों का उद्धार करने के लिए और दूषित कर्म करने वालों का नाश करने के लिए तथा धर्म की स्थापना हेतु मैं (श्रीकृष्ण) युग-युग में प्रकट होता हूं।
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कहा जाता है
अनमोल वचन :-क्रोध कठिनाई से जीता जाने वाला शत्रु है, लोभ अनंत व्याधि है, सभी प्राणियों के हित में संलग्न मनुष्य साधु है। निर्दयी को असाधु कहा जाता है।
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चार बातों से
अनमोल वचन :-सच्ची विद्या अर्थात् ज्ञान से माया और मोह (अविद्या) का नाश होता है। अच्छे विचारों से संसार का प्रपंच छूटता है। दान देते रहने वाले को दरिद्रता नहीं सताती और सदाचार के पालन से बुराइयां नष्ट हो जाती हैं।
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सुख के लिए
अनमोल वचन :-पहली अवस्था में वह कार्य करे जिससे वृद्ध हो कर सुख पूर्वक रह सके और जीवन प्रयन्त वह कर्म करे जिससे मर कर परलोक में सुखपूर्वक रह सके।
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सिंहनी और गधी
अनमोल वचन :-सिंहनी अपने एकमेव सुपुत्र के बल पर निर्भय होकर आराम से सोती है, जबकि गधी के दस पुत्र होते हुए भी उन्हीं के साथ वह भी भार ढोती रहती है।
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शूर व पंडित
अनमोल वचन :-युद्ध तो पशु-पक्षी भी करते हैं और तोते-सारिकाएं भी पढ़ने का कार्य करते हैं और ज्ञान की बातें बताते हैं अर्थात (तोता रटंत) इसमें कौन सी विशेषता है? जो आदमी धन का दान करता है वही यथार्थ में शूर और वही सच्चे अर्थ में पंडित होता है।