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विचार, संस्कृति, परिवार, समाज और जीवन-दर्शन पर चयनित लेख।
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सफलता के मूल स्रोत
दिनांक 15.10.26 जीवन में कोई भी उचित कार्य करना, किसी भी व्यक्ति का अपना जीवन उद्देश्य हो सकता है l उसमे सफलता प्राप्त करनी है तो उस व्यक्ति को उसके नियमों का पालन करना आवश्यक होता है l नियम पालन किये बिना उद्देश्य की प्राप्ति करना बहुत कठिन हो सकता है l अगर नियम…
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ईर्ष्या
आग से खेलता है क्यों? वह रख बनाया करती है lतू इर्ष्या करता है क्यों ? मनः हँसते हुए को रुलाया करती है ll
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तीन शत्रु
आलस्य, झूठ, और अभिमान तीनों हैं तेरे शत्रु महान lएक को भी निकट न आने देना, मनः सुन ले तू देकर ध्यान ll
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आशाओं का अँधेरा
आशाओं के घोर अँधेरे में, क्यों खो गया तेरा जीवन है ?तालाश खुद की खुद कर, मनः नाहक बना क्यों दीन-हीन है ll
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विपदा
मुसीबत आ गई तो आने दे विपदा नहीं है कोई खास lनरमी-गर्मी का मौसम है, मनः तू हुआ है क्यों उदास ll
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सम्मान भावना
लुटाया था अपना आप उसने तो तू उन्हें पूज रहा lक्यों पूजेगा, कौन तुझे ? मनः तू तो सबको लूट रहा ll
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खुद को ढाल
सुहागा सत्य है, आग अहिंसा, सोना शरीर तपा ले lसांचे में खुद को ढाल, मनः मानव जीवन संवार ले l
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हृदय की बात
सुन बात दूसरों की, कर ले भली प्रकार विचार lहृदय की बात पत्थर की लकीर, मनः कर तुरंत व्यवहार ll