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विचार, संस्कृति, परिवार, समाज और जीवन-दर्शन पर चयनित लेख।
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मैं और मेरा बहुमूल्य मतदान
विश्व के दूसरे महा लोकतांत्रिक प्रभुत्व संपन्न राष्ट्र भारत वर्ष के राज्य हिमाचल प्रदेश में स0 2027 में “विधान सभा” का चुनाव होना निश्चित है l इसके साथ ही साथ उसके विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी विधान सभा का चुनाव लड़ने का अपना मन बना लिया है, कमर कस ली है l वे अपने-अपने क्षेत्रों…
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जो चाहो ले लो
दुनियां से जो चाहो, तुम ले लोचाहो शूल, तो शूल मिलेंगेचाहो फूल, तो फूल मिलेंगेसूुई चुभाओ, तो शूल लगेंगेफूल बांटो, तो हार पड़ेंगेमुस्कुराहट छीनकर, शूल दर्द देता हैदर्द लेकर, फूल हंसी लौटा देता हैचाहो शूल, तुम शूल ले लोचाहो फूल, तुम फूल ले लोदुनियां से जो चाहो, तुम ले लोचेतन कौशल “नूरपुरी”
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नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री
आज गांव के लोग दुनियां की ओर देख रहे हैं। वे भी बेहतर जीवन चाहते हैं। यदि दूरस्थ शिक्षा की व्यवस्था है तो वे इसका लाभ लेना चाहते हैं।
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महात्मा गांधी
– अकेले का जो लाभ है वह अनुभव से ही सिद्ध हो सकता है l – विश्वास को हमेशा तर्क से तोलना चाहिए l जब विश्वास अँधा होता है तो वह मर जाता है l – थोडा सा अभ्यास बहुत से उपदेशों से बेहतर है l – राष्ट्रीय व्यवहार में हिंदी को काम में…
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आचार्य चाणक्य
हारना तब आवश्यक हो जाता है जब लड़ाई अपनों से हो और जीतना तब आवश्यक हो जाता है जब लड़ाई अपने आप से हो।
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मोरारजी देसाई
जब तक भारत का राजकाज अपनी भाषा में नहीं चलेगा, तब तक हम यह नहीं कह सकते कि देश में स्वराज है।
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कन्फ्युशियस
एक बेहतर आदमी भाषण देने में कमजोर हो सकता है, लेकिन व्यवहार के जरिए वह अपनी काबिलीयत साबित करता है।
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राल्फ वाल्डो इमर्सन
वहां मत जाइए, जहां रास्ता ले जाए बल्कि वहां जाइए, जहां कोई रास्ता नहीं है और वहां अपने निशान छोड़ जाइए।
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आचार्य चाणक्य
मेरे राष्ट्र की अखंडता में जो बाधक होगा, उसका मैं सर्वनाश करूंगा और स्वयं स्वर्ग के देवता भी मेरा मार्ग नहीं रोक सकते।
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आचार्य चाणक्य
हमें भूत के वारे में पछतावा नहीं करना चाहिए न ही भविष्य के वारे में चिंतित होना चाहिए। विवेकवान व्यक्ति हमेशा वर्तमान में जीते हैं।