जिज्ञासा-ज्ञान-जाग्रति

सत्सनातन शिव – शक्ति परिवार



मिट्टी का खिलौना


मिट्टी का खिलौना है तू, पर ये तो भूल गया है l
हड्डी, लकड़ी, कोयला यहाँ, मनः सब धूल बन गया है ll

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