जिज्ञासा-ज्ञान-जाग्रति

सत्सनातन शिव – शक्ति परिवार



कभी-कभी


कभी-कभी ऐसा हो गया, भ्रम में अँधेरा, प्रकाश हो गया l

अँधेरा तो अँधेरा ही रहा, पर मनः तू भ्रष्ट राही हो गया ll

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