श्रेणी: हमारा समाज
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श्रेणी: सामाजिक वर्ण-व्यवस्था
वर्ण व्यवस्था
# वर्ण व्यवस्था में चारों वर्ण एक दूसरे के पूरक हैं, कोई छोटा-बड़ा या छूत-अछूत नहीं है, जिसे विश्वास न हो उसे मुगल आगमन से पूर्व भारत का प्राचीन इतिहास पढ़ना चाहिए। *
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श्रेणी: शिक्षा का उद्देश्य
शिक्षा का उद्देश्य
# प्राइवेट स्कूलों का उद्देश्य शिक्षा देना हो या न हो परंतु धन कमाना तो अवश्य ही है।*
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5. विद्यालय
दैनिक जागरण 20 मार्च 2006 विद्यालय में ज्ञान बीज का रोपण होता हैवहां विद्यार्थी होता है किसी अंकुर से कम नहींगुरु से विद्यार्थी पौध का पोषण होता हैवहां गुरु होता है किसी किसान से कम नहींविद्यालय में राजनीति की पैदा होती है नर्सरीखेती करने का वह कोई स्थान नहीं हैराष्ट्र ने विद्यालय से पौध प्राप्त…
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17. समाज के प्रति सजगता
आलेख – कश्मीर टाइम्स 21.11.1996 नैतिक शक्ति से व्यक्तित्व निर्माण होता है जबकि अनुशासन से जन शक्ति, ग्राम शक्ति एवं राष्ट्र शक्ति का l इसी प्रकार कुशल नेतृत्व में अनुशासित संगठन शक्ति द्वारा संचालित जो शासन भेदभाव रहित सबके हित के लिए एक समान न्याय करता है, वह सुशासन होता है l जन्म लेने के…