श्रेणी: भूजल-शुद्ध पेय जल
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3. भूजल भंडार करे उद्धार
दिव्य हिमाचल 23 दिसम्बर 2004नभ से बूंदाबांदी होती टिप टिप टिपधरा पर इधर उधर गिरती पड़ती टिप टिप टिपसांए सांए करती जलधारा बन करनाली नाला नदी रूप बन करपहाड़ से जंगल और मैदान की ओरजलधारा बढ़ती जलाश्य की ओरउसे बहना है वह बहती जाती हैपहाड़ से चलती सागर से मिल जाती हैवर्षा जल आता आंधी…
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1. शुद्ध भूजल जीवन आधार
23 सितम्बर 2004 दिव्य हिमाचलवर्षा जल छत पर आएटिप-टिप-टिप,जल परनाला कूप में ले जाएटिप-टिप-टिप,शुद्ध जल सबने पीना है,भूजल से सबने जीना है,चेतन यह भूजल हैजीवन का आधार,मात्र शुद्ध भूजल है,जीवन का आधार,