श्रेणी: राष्ट्रीय भावना
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सबका हित
29 जनवरी 2026 सबका हित – # जब हमारे विचार, वाणी और कार्य, व्यक्तिगत हित से ऊपर उठते हैं तभी हम व्यक्ति, परिवार समाज और राष्ट्र का हित करने में समर्थ होते हैं l* जब हमारे विचार, वाणी और कार्य केवल व्यक्तिगत स्वार्थ तक सीमित न रहकर समष्टि के कल्याण की ओर उन्मुख हो जाते…
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2. जय भारत देश महान
आलेख – राष्ट्रीय भावना दैनिक जागरण 18 अगस्त 2007 वह भारत का स्वर्णयुग ही था जब देश का कोई भी नौजवान अपने बल, साहस, सुझबुझ और विद्या-ज्ञान आदि गुणों से सदैव परिपूर्ण रहता था l इसी कारण वह स्थानीय क्षेत्र से बढ़कर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय और समस्त विश्व स्तर पर भी पहुँच जाता था l वहां…
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3. स्वाधीन भारत
दैनिक जागरण 2 फरवरी 2006पराधीन देश में वो घड़ी लगती अच्छी थीस्थान स्थान पर तिरंगा फहराने कोलगाना जान की बाजी लगती अच्छी थीआज गीत वंदे मातरम गाने कोराष्ट्रीय गान का अपमान हो रहा क्योंहमारे स्वाधीन भारत मेंआतंकी संसद पर हमला हैं करतेहम आरपार की लड़ाई करने की हैं सोचा करतेउस पर हमला न करो वो…
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11. राष्ट्र का नेतृत्व किनके हाथ है ?
कश्मीर टाइम्स 19.9.1996जब कभी समुद्र की विशाल छाती को चीरते हुए अपनी मंजिल की ओर अग्रसित हो रहे किसी बड़े के तल में कोई अचानक छिद्र हो जाता है और उस बड़े के कर्मचारी जाने या अनजाने में उससे अनभिज्ञ रहते हैं या उसकी सुरक्षा हेतु समय रहते कोई उचित ठोस पग नहीं उठा पाते…
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3. नींद त्यागो – राष्ट्र संभालो
दैनिक कश्मीर टाइम्स 29 जून 1996 किसी भी राष्ट्र की पहचान उसकी अपनी सभ्यता और संस्कृति पर निर्भर करती है l कोई भी देशवासी विदेश में उसके अपने ही राष्ट्र की राष्ट्रीयता, भाषा, पहनावा, रहन-सहन, खाना, आचार- व्यवहार और स्वदेशी भावना से जाना तथा पहचाना जाता है l इसलिए राष्ट्र और उसकी राष्ट्रीयता से संबंधित…