श्रेणी: असहाय समाज वर्ग जम्मू
-
1. सद्गुण संस्कार और हमारा दायित्व
आलेख – मानव जीवन दर्शन असहाय समाज वर्ग जनवरी जून 1996 ईश्वर द्वारा रचित प्रकृति में पृथ्वी और उसके चारों ओर ब्रह्मांड बड़ा विचित्र है l सूर्य में ताप, चन्द्रमा में चांदनी, वायु में सरसराहट और नदियों में कल-कल के मधुर संगीत का मिश्रण इस बात का का द्योतक है कि समस्त ब्रह्मांड में जो…
-
2. लोक विकास – समस्या और समाधान
आलेख – असहाय समाज वर्ग जनवरी जून 1996 इस सृष्टि की संरचना कब हुई ? कहना कठिन है l सृष्टि के रचयिता ने जहाँ प्रत्येक प्राणी को जीवित रहने के लिए आहार की व्यवस्था की है, वहां मनुष्य के जीवन से संबंधित हर पक्ष के साथ एक विपरीत पहलू भी जोड़ा है l जहाँ सुख…
-
1. भारतीय शिक्षा की महक
असहाय समाज वर्ग 1995 अक्तूबर दिसम्बर प्राचीन भारतीय निशुल्क शिक्षा-प्रणाली अपने आप में विशाल हृदयी होने के कारण विश्वभर में जानी और पहचानी गई थी l भारत विश्व गुरु कहलाया था l भारतीय शिक्षा गुरुकुल परम्परा पर आधारित थी जिसमें सहयोग, सहभोज, सत्संग, लोक अनुदान की पवित्र भावना सद्विचार,सत्कर्मो से विश्व का कल्याण होता था…
-
2. पाश्चात्य शिक्षा से हमें क्या मिला ?
असहाय समाज वर्ग 1995 अक्तूबर-दिसम्बर भारत पराधीन हो गया l कारण था – उस समय के महत्वाकांक्षी, अहंकारी राजनीतिज्ञों का अपने गर्व में चूर रहकर छोटी-छोटी बातों के लिए मात्र अपने हित में बदले की भावना से एक दूसरे को नीचा दिखाने हेतु आपस में लड़ते रहना l स्थान-स्थान पर आचार्यों तथा विद्वानों का अपमान…
-
1. किस काम का
असहाय समाज वर्ग जुलाई सितम्बर 1995 सेवा जो कर न सके, वह तन है किस काम का ? नाम जो जाप न सके, वह मन है किस काम का ? कार्य जो सिद्ध कर न सके, वह धन है किस काम का ? सन्मार्ग जो दिखा न सके, वह ज्ञान है किस काम का ?…