सत्सनातन शिव – शक्ति परिवार
हम बाहर विदेशों में बसे लोगों की चमक-दमक देखकर बड़े प्रसन्न होते हैं। मगर उनके अंदर छिपे दर्द को नहीं पहचानते।
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चेतन कौशल
संत तुलसी दास ने श्रीराम कथा कलियुगी जीवों के लिए एक ऐसा उपहार दिया है जो आने वाली पीढ़ियां इसे पढ़कर अपना जीवन संवारेंगी।
कल तो चला गया है और आने वाला कल अभी आया नहीं। आज का दिन हमारे पास है। आइये! हम इसकी अच्छी शुरुआत कर अपने जीवन को सफल बनाएं।
अज्ञानी के लिए किताबें और अंधे के लिए दर्पण एक समान उपयोगी है।
आज गांव के लोग दुनियां की ओर देख रहे हैं। वे भी बेहतर जीवन चाहते हैं। यदि दूरस्थ शिक्षा की व्यवस्था है तो वे इसका लाभ लेना चाहते हैं।