जिज्ञासा-ज्ञान-जाग्रति

सत्सनातन शिव – शक्ति परिवार



श्रेणी: सशक्त व्यक्ति

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    सद्भावना और दुर्भावना

    भावनाएं दो प्रकार की होती हैं – सद्भावना और दुर्भावना l सद्भावना से मनुष्य का अपना और समाज का उत्थान होता है जबकि दुर्भावना से दोनों का पतन होता है l मनुष्य को किस भावना से कार्य करना चाहिए ? ये बात उसकी बुद्धि और प्रकृति पर निर्भर करती है l सद्भावना और दुर्भावना में…

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    सशक्त व्यक्ति

    जीवन लक्ष्य –जीवन लक्ष्य की प्राप्ति, चुनौतियों का सामना किये बिना संभव नहीं lजीवन सार –जीवन – सार सबकी समझ में आने वाली वस्तु नहीं है l वह सत्य है और ये झूठ l वह दिन है और ये रात l

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    सात्विक बुद्धि

    वेद और वैदिक ज्ञान के बिना मनुष्य जाति में सात्विक बुद्धि नहीं आ सकती l

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    भेंट देने के बाद

    कुछ मिलता है, भेंट देने के बाद lतोडना पड़ता है नाता, मनः भुलानी पड़ती है याद ll

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    2. देख सके तो

    दैनिक जागरण 8 जनवरी 2006 स्वामी सबका ईश्वर है प्राणी हैं अनेकजीवन सबका समान है देख सके तो मन से देखनारी सबकी जननी है माताएं हैं अनेकबच्चे सबके समान हैं देख सके तो मन से देखज्ञान जननी बुद्धि है मस्तिष्क हैं अनेकआत्म ज्ञान समान है देख सके तो मन से देखखून सबका लाल है विचार…

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