श्रेणी: परम्परागत गुरुकुल शिक्षा व्यवस्था
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श्रेणी: शिक्षण-प्रशिक्षण नीति
विद्याओं में पारंगता
# अगर हम जीवन चुनौतियों का सामना करने में शास्त्र – शस्त्र विद्याओं में पारंगत नहीं हुए तो एक दिन विधर्मियों द्वारा बांस की भांति छिल दिए जायेंगे l*
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श्रेणी: शिक्षा का उद्देश्य
शिक्षा का उद्देश्य
# प्राइवेट स्कूलों का उद्देश्य शिक्षा देना हो या न हो परंतु धन कमाना तो अवश्य ही है।*
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5. विद्यालय
दैनिक जागरण 20 मार्च 2006 विद्यालय में ज्ञान बीज का रोपण होता हैवहां विद्यार्थी होता है किसी अंकुर से कम नहींगुरु से विद्यार्थी पौध का पोषण होता हैवहां गुरु होता है किसी किसान से कम नहींविद्यालय में राजनीति की पैदा होती है नर्सरीखेती करने का वह कोई स्थान नहीं हैराष्ट्र ने विद्यालय से पौध प्राप्त…