श्रेणी: विषयक आलेख
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सबका हित
29 जनवरी 2026 सबका हित – # जब हमारे विचार, वाणी और कार्य, व्यक्तिगत हित से ऊपर उठते हैं तभी हम व्यक्ति, परिवार समाज और राष्ट्र का हित करने में समर्थ होते हैं l* जब हमारे विचार, वाणी और कार्य केवल व्यक्तिगत स्वार्थ तक सीमित न रहकर समष्टि के कल्याण की ओर उन्मुख हो जाते…
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सत्सनातन – धर्म
सत्य – सौ झूठ छिपाने के लिए एक और झूठ बोला जाये, तब भी वह झूठ ही रहता है, सत्य नहीं हो जाता l इसी तरह एक सत्य को छिपाने के लिए, बार – बार झूठ बोला जाये तब भी सत्य, सत्य ही रहता है, वह कभी झूठ नहीं हो जाता l यह सत्य है…
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श्रेणी: मंदिर
मंदिर का उचित रख – रखाव कैसे करें ?
संकलित दिनांक 17 अक्तूबर 2025मंदिर का उचित रख – रखाव (संरक्षण और देखभाल) एक पवित्र और जिम्मेदारी भरा कार्य है l इसे ठीक से करने के लिए शारीरिक, अध्यात्मिक और सामाजिक तीनों पक्षों का ध्यान रखना अति आवश्यक है l 1 स्वच्छता और व्यवस्था – प्रतिदिन फर्श, दीवारें, मूर्तियाँ और आस – पास का क्षेत्र…
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भगवद्गीता सार
संकलित दिनांक 27 दिसंबर 2025भगवद्गीता महाभारत का एक भाग है। इसमें 18 अध्याय और 700 श्लोक हैं। यह संवाद भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के बीच कुरुक्षेत्र के युद्धभूमि में हुआ। गीता जीवन, कर्म, धर्म, मन, आत्मा और मोक्ष का गहरा लेकिन व्यवहारिक ज्ञान देती है।1. गीता की पृष्ठभूमि -क्यों उपदेश दिया गया ? – अर्जुन…
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संगत और उसका प्रभाव
दिनांक 24 सितंबर 2025 कुसंगत (बुरी संगति) के दुष्प्रभाव –कुसंगत का अर्थ है ऐसे लोगों की संगति करना जिनके विचार, आचरण और व्यवहार गलत या अनैतिक हों। इसका व्यक्ति के जीवन पर गहरा और नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। नीचे कुसंगत के प्रमुख दुष्प्रभाव विस्तार से दिए गए हैं -1. चरित्र का पतन – कुसंगत में…