जिज्ञासा-ज्ञान-जाग्रति

सत्सनातन शिव – शक्ति परिवार



श्रेणी: कश्मीर टाइम्स जम्मू

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    8. यह कैसा लोकतंत्र है ?

    कश्मीर टाइम्स 10 अगस्त 1996 स्वतंत्रता प्राप्त कर लेने के पश्चात हमारे प्रिय जन नायकों ने लोकतंत्र – जनता का, जनता द्वारा, जनता के लिए “जनता राज” अथवा लोकतंत्र शासन प्रणाली की पुनर्स्थापना करने का प्रयास किया था l उसी रूप को साकार करने के लिए उन्होंने भारत का संविधान भी बनाया था ताकि उसे…

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    7. भारतीय शिक्षा की परंपरा

    आलेख – दैनिक कश्मीर टाइम्स 9.8.1996 जिस प्रकार निवार से किसी लकड़ी की चारपाई को कलात्मक ढंग से बुनकर तैयार किया जाता है ठीक उसी प्रकार किसी देश का मानचित्र उसके अनुकूल उपयोगी शिक्षा पर निर्भर करता है l इस काम में अभिभावक, शिक्षक, राजनीतिज्ञ और प्रशासकों के आपसी प्रेम, सहयोग त्याग और बलिदान की…

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    6. लार्ड मैकाले और भारतीय शिक्षा

    कश्मीर टाइम्स 4.8.1996इसमें तनिक भी संदेह नहीं है कि भारतीय परंपरागत जन उपयोगी शिक्षा-प्रणाली ने विश्व की विशाल धरती पर मानव समाज, स्थानीय भाषा, विद्या, कला, ज्ञान-विज्ञान, सभ्यता-संस्कृति और साहित्य सृजन, पोषण और उसका विकास किया l उसके सामने आई समस्या व्यक्तिगत विकास की रही हो या समाजिक. आर्थिक हो या राजनैतिक, सभ्यता, कला–सांस्कृतिक हो…

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    5. विदेशी शिक्षा से हमे क्या मिला ?

    कश्मीर टाइम्स 26 जुलाई 1996 भारत पराधीन हो गया l कारण था – उस समय के महत्वाकांक्षी, अहंकारी राजनीतिज्ञों का अपने गर्व में चूर रहकर छोटी-छोटी बातों के लिए मात्र अपने हित में बदले की भावना से एक दूसरे को नीचा दिखाने हेतु आपस में लड़ते रहना l स्थान-स्थान पर आचार्यों तथा विद्वानों का अपमान…

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    4. साधक मन और साधना

    आलेख – कश्मीर टाइम्स 9 जुलाई 1996 साधना-प्रगति के अंतिम बिंदु तक पहुँचने के लिए जो जिज्ञासु प्रयत्नशील रहता है, वह कभी थकने या रुकने का नाम नहीं लेता है – साधक कहलाता है l वह भली प्रकार जानता है कि साधना के मार्ग पर फूल कम और कांटे अधिक मिलते हैं l फिर भी…

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