जिज्ञासा-ज्ञान-जाग्रति

सत्सनातन शिव – शक्ति परिवार



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    1. आस्था की दहलीज

    आलेख – धर्म अध्यात्म संस्कृति  दैनिक जागरण 1.8.2007  हमारे देश में ऐसे अनेकों धार्मिक व तीर्थ स्थल हैं जिनके साथ हमारी पवित्र आस्थाएं जुड़ी हुई हैं l हम वहां अपनी किसी न किसी कामना सहित देव दर्शनार्थ जाते हैं और अपनी कामना पूरी होने पर उन्हें श्रद्धा सुमन भी अर्पित करते हैं l इससे हमें…

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    1. जल धारा कराती है शिवलिंगों को स्नान

    आलेख – दैनिक जागरण 17.5.2006 देव भूमि हिमाचल प्रदेश में – सुल्याली गाँव तहसील नूरपुर से लगभग 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है l इसी गाँव में एक कंगर नाला के ठीक उस पर, स्वयम प्रकट हुए आप अनादिनाथ शिव शंकर-भोले नाथ शम्भू जी का प्राचीन मंदिर है जो स्वयं निर्मित एक ठोस पहाड़ी…

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    1. ज्ञान चालीसा

    दिव्य हिमाचल 19.3.2005 1. लोक भ्रमण करने से विषय वस्तु को भली प्रकार समझा जाता है l 2. साहित्य एवंम सदग्रंथ पढ़ने से विषय वास्तु का बोध होता है l 3. अधिक से अधिक जिज्ञासा रखने से ज्ञान-विज्ञान जाना जाता है l 4. सुसंगत करने से विषयक ज्ञान-विज्ञान का पता चलता है l 5. बड़ों…

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    18. आत्म-शान्ति पाने के उपाय

    आलेख – कश्मीर टाइम्स 3.12.1996 मानव जीवन में व्यक्ति की ओर से अपने व्यक्तित्व को प्रभावशाली बनाने के लिए उचित यह है कि उसके अपने अमूल्य जीवन का कोई ना कोई बड़ा उद्देश्य अवश्य हो l उससे भी अधिक जरुरी है, उसकी ओर से उस उद्देश्य को अपने दायित्व के साथ पूरा करने की चेष्टा…

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    17. समाज के प्रति सजगता

    आलेख – कश्मीर टाइम्स 21.11.1996 नैतिक शक्ति से व्यक्तित्व निर्माण होता है जबकि अनुशासन से जन शक्ति, ग्राम शक्ति एवं राष्ट्र शक्ति का l इसी प्रकार कुशल नेतृत्व में अनुशासित संगठन शक्ति द्वारा संचालित जो शासन भेदभाव रहित सबके हित के लिए एक समान न्याय करता है, वह सुशासन होता है l जन्म लेने के…

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