श्रेणी: विविधा
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श्रेणी: विचारकों के विख्यात कथन
लोकमान्य तिलक
विचारकों के कथन :-शरीर को रोगी और निर्बल रखने के सामान दूसरा कोई पाप नहीं है।- लोकमान्य तिलक
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श्रेणी: विचारकों के विख्यात कथन
विनोबा भावे
जब तक कष्ट सहने की तैयारी नहीं होती, तब तक लाभ दिखाई नहीं देता। लाभ की इमारत कष्ट की धूप में ही बनती है।
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श्रेणी: विचारकों के विख्यात कथन
मुंशी प्रेमचंद
मन एक भीरु शत्रु है जो सदैव पीठ के पीछे से वार करता है।
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श्रेणी: विचारकों के विख्यात कथन
आचार्य चाणक्य
ऐसा एक भी दिन नहीं जाना चाहिए जब आपने एक श्लोक , आधा श्लोक , चैथाई श्लोक या केवल एक अक्षर नहीं सीखा या आपने दान, अभ्यास या कोई पवित्र कार्य नहीं किया।
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श्रेणी: विचारकों के विख्यात कथन
अरविंद घोष
कर्म, ज्ञान, और भक्ति ये तीनों जहां मिलते हैं, वहीं सर्वश्रेष्ठ पुरुषार्थ जन्म लेेता है।