श्रेणी: विविधा
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श्रेणी: विचारकों के विख्यात कथन
जयशंकर प्रसाद
पाषाण के भीतर भी मधुर स्रोत होते हैं।, उसमें मदिरा नहीं, शीतल जल की धारा बहती है।
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श्रेणी: विचारकों के विख्यात कथन
स्वामी आर्यवेश
अच्छे के साथ अच्छे बनें, बुरे का साथ छोड़ दें, क्योंकि हीरे को हीरे से तराशा तो जा सकता है पर कीचड़ से कीचड़ साफ नहीं किया जा सकता।- स्वामी आर्यवेश
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श्रेणी: विचारकों के विख्यात कथन
आचार्य श्रीराम शर्मा
मानसिक बीमारियों से बचने का एक ही उपाय है कि हृदय को घृणा से और मन को भय व चिंता से मुक्त रखा जाए।