श्रेणी: आत्मोवाच दोहावली
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श्रेणी: आत्मोवाच दोहावली
चाहे चन्दन डालो
चाहे चन्दन डालो, चाहे सादा इंधन, बस देह का संस्कार होगा l अमीर-गरीब का भेद यहाँ, मनः आगे हिसाब कर्म का होगा ll
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श्रेणी: आत्मोवाच दोहावली
खोखला ढोल
खोखला ढोल ढम-ढम करता, गाना तो वह गा नहीं सकता l तू शोर धर्म का करता, मनः जब उस पर चल नहीं सकता ll
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श्रेणी: आत्मोवाच दोहावली
सत्य है तुझसे
सत्य है तुझसे जुदा नहीं, वह तुझ में ही समाया है l तार सितार से जुदा नहीं, मनः आवाज सितार से ही आया है ll
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श्रेणी: आत्मोवाच दोहावली
कभी-कभी
कभी-कभी ऐसा हो गया, भ्रम में अँधेरा, प्रकाश हो गया l अँधेरा तो अँधेरा ही रहा, पर मनः तू भ्रष्ट राही हो गया ll
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श्रेणी: आत्मोवाच दोहावली
उत्तम विद्या
ले लेना तू उत्तम विद्या नीच से, दूषित कुल से स्त्री रत्न l कह गया कोई संत प्यारा, मनः हर्ज नहीं करना ऐसा यत्न ll